fake cbse affiliated school : राजधानी पटना में CBSE मान्यता प्राप्त स्कूल के नाम पर बड़ा खेल हो रहा है। इस संबंध में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, जिसके बाद हड़कंप मचा हुआ है। राजधानी पटना के दो बड़े स्कूलों पर सीबीएसई की मान्यता का गलत इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगा है। इस खुलासे के बाद पटना के दो निजी स्कूलों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
fake cbse affiliated school : पटना के 2 बड़े स्कूलों पर FIR
दरअसल, बिहार में CBSE बोर्ड के नाम का अवैध तरीके से इस्तेमाल कर गार्डियन और छात्रों को गुमराह करने का बड़ा मामला सामने आया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर पटना के दो निजी स्कूल सेंट पॉल्स इंटरनेशन स्कूल, साधनापुरी और सेंट पॉल्स इंटरनेशनल हाई स्कूल, पुलिस कॉलोनी के खिलाफ गर्दनीबाग थाना में केस दर्ज किया गया है। इस संबंध में बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है।

दरअसल, शिकायत मिलने के बाद सीबीएसई ने कमिटी गठित कर दोनों स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ये बातें सामने आईं कि स्कूलों द्वारा लगाए गए कई होर्डिंग्स, विज्ञापनों में सीबीएसई, दिल्ली लिखा हुआ था, जिससे ये लग रहा था कि स्कूल CBSE बोर्ड से मान्यता प्राप्त है जबकि दोनों स्कूल सीबीएसई द्वारा संबद्धता प्रदान नहीं की गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि इन स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक पढ़ने वाले छात्रों का पंजीकरण CBSE बोर्ड परीक्षा के लिए किसी अन्य संबद्ध विद्यालय के माध्यम से कराया जा रहा था।
पूरे राज्य में खुल सकते हैं ऐसे मामले
इससे अभिभावकों और छात्रों के बीच यह धारणा बन रही थी कि संबंधित स्कूल खुद सीबीएसई से संबद्ध हैं। निरीक्षण के दौरान स्कूल के प्रतिनिधियों ने समिति को जरूरी दस्तावेज, रिकॉर्ड और छात्रों से जुड़ी जानकारी देने से भी इनकार कर दिया और जांच प्रक्रिया में सहयोग नहीं किया। सूत्रों के अनुसार बिहार के कई जिलों में भी इसी तरह के मामले सामने आ सकते हैं। आरोप है कि कई स्कूल बिना आधिकारिक मान्यता के ही सीबीएसई के नाम का उपयोग कर स्कूल चला रहे हैं।

अभिभावकों को गुमराह कर रहे कुछ स्कूल
कई निजी शिक्षण संस्थान अभिभावकों को भ्रमित करने के लिए अपने स्कूल के बोर्ड पर छोटे अक्षरों में “To Be” और बड़े अक्षरों में “CBSE Affiliated” लिख देते हैं। इससे अभिभावकों को यह लगता है कि स्कूल सीबीएसई से संबद्ध है, जबकि वास्तव में ऐसा नहीं होता। जानकारी के मुताबिक ऐसे स्कूल अपने यहां पढ़ने वाले छात्रों का रजिस्ट्रेशन किसी दूसरे सीबीएसई से संबद्ध विद्यालय में कराते हैं और वहीं के माध्यम से कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई पूरी कराते हैं।
इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभिभावकों को अपने बच्चों का नामांकन कराने से पहले संबंधित स्कूल की संबद्धता की अच्छी तरह जांच कर लेनी चाहिए। इसके लिए अभिभावक सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर स्कूल की मान्यता और संबद्धता की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
