Mgnrega Employment : मनरेगा में लंबित रोजगार पर सख्त मंत्री श्रवण कुमार, 13 हजार मजदूरों को 3 दिन में काम देने का आदेश

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Mgnrega Employment : वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य में 13 हजार ऐसे श्रमिक हैं, जिन्हें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत रोजगार मांगने के बाद भी काम नहीं मिला है। जिस भी ग्राम पंचायत के तहत ये श्रमिक आते हैं, उनके लिए तीन दिनों के भीतर ऑफर लेटर तैयार करके हर हाल में काम पर बुलाया जाए। ये बातें मंगलवार को ग्रामीण विकास और परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने विभागीय अधिकारियों से कही। वे सिंचाई भवन के अधिवेशन सभागार में ग्रामीण विकास विभाग की ओर से संचालित योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे।

Mgnrega Employment : 3 दिन में काम देने का आदेश

मंत्री ने कहा कि हम लोगों का काम गरीबों से जुड़ा हुआ है। बिहार में जो भी गरीब हैं, वह हम पर भरोसा करते हैं। यह भरोसा यूं ही नहीं है। हम मनरेगा, जीविका, एलएसबीए में काम देते हैं। मंत्री ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार बिहार को देश के टॉप पांच राज्यों की श्रेणी में लाना चाहते हैं। यह तभी संभव होगा, जब हम ग्रामीण विकास की योजनाओं को सही से लागू करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर राज्य में धरातल पर काम को उतारने की बात आती हैं तो वह ग्रामीण विकास की योजनाएं हैं।

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उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना में वर्ष 2016-17 से 2025-26 के बीच 49 लाख 30 हजार से अधिक का लक्ष्य मिला। हमने 39 लाख 36 हजार से अधिक आवास पूरा करा लिए हैं। करीब पांच से छह हजार ऐसे लोग हैं, जिन्होंने आवास का काम पूरा कर लिया है लेकिन उन्हें आजतक तृतीय किस्त का भुगतान नहीं हुआ। संबंधित अधिकारी वित्तीय वर्ष के भीतर इन लाभुकों को भुगतान करें।

उन्होंने कहा कि तीसरी किस्त मिलने के बाद भी वर्ष 2021-22 में एक हजार 562 लोग, 2024-25 में पांच हजार 993 व 2025-26 में 458 लोगों ने आवास पूरा नहीं किया। विभागीय अधिकारी इसकी जांच करवाकर जल्द से जल्द आवास का काम पूरा कराएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास ग्रामीण योजना काफी पुरानी है। इसमें छह हजार 800 लोग ऐसे हैं, जिन्हें तृतीय किस्त देने के बाद भी घर पूर्ण नहीं दिख रहा है। इसे भी नए साल से पहले पूरा कराने की प्रक्रिया शुरू करें।

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इस बैठक में जीविका, एलएसबीए, मनरेगा, पीएम-सीएम आवास, जल-जीवन हरियाली आदि योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। जीविका के सीईओ हिमांशु शर्मा, मनरेगा आयुक्त अभिलाषा कुमारी, नवीन प्रताप राणा, जल जीवन हरियाली, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान (एलएसबीए), पीएम आवास योजना आदि के पदाधिकारी मौजूद रहे।
मंत्री ने कहा कि हाल ही में हमने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना शुरू की है। जीविका के मामले में बिहार देश में सबसे आगे है। इन समूहों से डेढ़ करोड़ से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं।

प्रत्येक सोमवार को समीक्षा बैठक

बैठक में सचिव लोकेश कुमार सिंह ने कहा कि पहले की तरह होने वाली बैठक को एक बार फिर से साप्ताहिक बैठक के रूप में शुरू की जाएगी। इसकी शुरुआत आगामी सोमवार से होगी। उन्होंने सभी नए डीडीसी से कहा कि योजनाओं का अध्ययन कर लें। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहित करने वाले स्वच्छता कर्मियों को मासिक मानदेय का भुगतान समय पर नहीं होना चिंता का विषय है।

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