Vat Savitri Puja 2026 : बिहार और झारखंड में वट सावित्री पूजा की धूम रही। सुहागिनों ने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए व्रत रखा और वट वृक्ष की आराधना की। सुबह से ही मंदिरों और वट वृक्षों के पास सुहागिन महिलाओं की लंबी कतार देखने को मिली।
मनाई गई वट सावित्री पूजा
सोलह श्रृंगार कर महिलाएं उल्लास के साथ वटवृक्षों के पास पहुंची और विधिविधान के साथ पूजा-अर्चना कीं। उन्होंने वट वृक्ष के चारों ओर धागा बांधकर परिक्रमा की और सावित्री-सत्यवान की कथा भी सुनी। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक माता सावित्री ने अपने तप, समर्पण और दृढ़ संकल्प से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस ले आए थे। इसी वजह से यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद अहम माना जाता है।

सुहागिनों ने वट वृक्ष की पूजा कर मांगा अखंड सौभाग्य
बिहार की राजधानी पटना, हाजीपुर, गया, मुजफ्फरपुर, रांची, धनबाद, बोकारो, जमशेदपुर समेत कई शहरों और ग्रामीण इलाकों में पूजा को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। मंदिरों और पूजा स्थलों पर सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। कई जगहों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा की और परिवार की सुख-शांति की कामना की। पूजा के बाद महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर शुभकामनाएं भी दीं।
