Bihar MLC Election 2026 : बिहार की सियासत में बहुत जल्द एक दिलचस्प नजारा देखने को मिल सकता है, जब बिहार विधान परिषद में दो सगे भाई एक साथ नजर आएंगे। बड़ी बात ये है कि दोनों भाई अलग-अलग पार्टियों की नुमाइंदगी करते दिखेंगे। फिलहाल बिहार की राजनीति में इन दोनों भाइयों का अलग-अलग राजनीतिक दलों से विधान परिषद पहुंचना चर्चा का विषय बना हुआ है।
दो भाई, दो पार्टियां और एक सदन
दरअसल, पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से आरजेडी प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार ने MLC इलेक्शन में धमाकेदार जीत दर्ज की है और बीजेपी के नवल किशोर यादव को मात दी है। जीत दर्ज करने के बाद अब वे अपने बड़े भाई और कांग्रेस के विधान पार्षद राजीव कुमार के साथ सदन में बैठेंगे।
बिहार विधान परिषद में दिखेगा अनोखा नजारा
MLC चुनाव में संजीव कुमार को 4,487 वोट मिले, जबकि नवल किशोर यादव के पक्ष में 3,430 मत पड़े। इस जीत के साथ संजीव कुमार ने बिहार विधान परिषद में अपनी जगह पक्की कर ली है। विदित है कि डॉ. संजीव कुमार का बिहार की सियासत से पुराना नाता रहा है। वह खगड़िया जिले की परबत्ता विधानसभा सीट से जेडीयू के विधायक रह चुके हैं।
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Bihar MLC Election 2026
डॉ. संजीव ने वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में RJD के टिकट पर चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले वर्ष 2015 में उन्होंने बेगूसराय-खगड़िया स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी का चुनाव भी लड़ा था। हालांकि, उस समय उन्हें सफलता नहीं मिली थी।
कांग्रेस के टिकट पर MLC बने थे राजीव कुमार
इधर, डॉ. संजीव कुमार के बड़े भाई राजीव कुमार पहले से बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं। उन्होंने वर्ष 2022 में कांग्रेस के टिकट पर बेगूसराय-खगड़िया स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की थी। उस चुनाव में उन्होंने बीजेपी के उम्मीदवार रजनीश कुमार को हराया था। अब संजीव कुमार की जीत के बाद दोनों भाई विधान परिषद में एक साथ नजर आएंगे।

पिता भी रह चुके थे विधायक और मंत्री Bihar MLC Election 2026
गौरतलब है कि डॉ. संजीव कुमार और राजीव कुमार के पिता रामानंद प्रसाद सिंह परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक चुने गए थे। वह बिहार सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे। पिछले वर्ष 10 मई को उनका निधन हो गया था। अब उनके दोनों बेटे अलग-अलग सियासी दलों से बिहार विधान परिषद में अपना प्रतिनिधित्व करते दिखेंगे।





