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टाटा मोटर्स के डीलर का कारनामा, डिलीवरी के दौरान कर दी गाड़ियों की अदला-बदली, गलती से अब झाड़ रहा पल्ला

NEW DELHI : कहते हैं परेशानी कभी भी और किसी भी रूप में आ सकती है। लेकिन, यदि दूसरे की गलती की वजह से यदि मुसीबत किसी पर आ जाए, तो अब इसे क्या कहेंगे। अब तक अस्पतालों में डिलीवरी के बाद बच्चे के अदला-बदली की खबरें आपने देखी और सूनी होंगी। लेकिन, टाटा मोटर्स के एक डीलर की वजह से दो ग्राहकों की परेशानी बढ़ गई है। जी हां आप बिल्कुल सही सुन रहे हैं।

दरअसल, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से साहिबाबाद स्थित सब मोटर्स टाटा (#SabMoters), की एजेंसी से वर्ष 2023 में दो ग्राहकों ने गाड़ी खरीदी। आरसी के हिसाब से दोनों की गाड़ियों पर अस्थाई नंबर डीलर की ओर से चस्पा किया हुआ था। लेकिन, असल खेल डीलर के कर्मचारी पहले ही कर चुके थे। मतलब की अस्थाई नंबर की एजेंसी की ओर से अदला-बदली कर दी गई थी। इसमें से एक ग्राहक संतोष कुमार तिवारी को इसकी जानकारी तब मिली, जब गाड़ी का इंश्योरेंस क्लेम लेने में दिक्कत हुई।

ग्राहक की जुबानी, टाटा के घालमेल की पूरी कहानी

ग्राहक ने एक्स पोस्ट जरिए पूरी कहानी खुद बयां की है। ग्राहक ने अपनी पीड़ा बयां करते हुए एक्स पर लिखा है कि करीब 2 वर्ष 7 महीने पहले (दिनांक- 22-08-2023) मैंने सब मोटर्स टाटा, साहिबाबाद (गाजियाबाद), उत्तर प्रदेश से TATA Punch Pure Rhythm DAYTONA_GREY NEW कार खरीदी थी। मेरे गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर UP-14 FR 4374 है। डिलर की तरफ से मुझे जो गाड़ी दी गई उस पर मेरा टेंपरॉरी रजिस्ट्रेशन नंबर एजेंसी की तरफ से लगाया गया था, जिसका फोटोग्राफ भी मेरे पास है। उस वक्त मुझे गाड़ी चलाने भी नहीं आता था, ऐसे में टाटा सब मोटर्स (साहिबाबाद) एजेंसी के ड्राइवर ने ही मेरी गाड़ी घर तक पहुंचाई। तब से लगातार मैं टाटा कंपनी के सर्विस सेंटर में ही गाड़ी का सर्विसिंग करा रहा हूं।

बाद में नौकरी के सिलसिले में मैं पटना आ गया। पटना में खगौल रोड स्थित अनन्या टाटा मोटर्स एजेंसी, में समय-समय पर अपनी गाड़ी की सर्विसिंग कराता रहा। इस बीच पटना में वर्ष 2024 में एक बार इंश्योरेंस क्लेम भी ले चुका हूं। अभी हाल में सर्विसिंग के लिए गाड़ी अनन्या टाटा मोटर्स, पटना में दी तो इंश्योरेंस क्लेम के दौरान पता चला कि मेरे आरसी पर जो चेचिस और इंजन नंबर है, वो गाड़ी पर अंकित नहीं है। इससे इंश्योरेंस क्लेम में दिक्कत आ आई। तब मुझे पता चला कि सब मोटर्स टाटा ने डिलिवरी के दौरान मेरी गाड़ी की जगह किसी अन्य गाड़ी पर मेरा टेंपरॉरी रजिस्ट्रेशन नंबर लगाकर मुझे डिलिवर कर दी तथा मेरी गाड़ी किसी और को डिलिवर कर दी।

इसकी जानकारी मिलते ही फौरन मैंने सब मोटर्स टाटा के मैनेजर को फोन किया। उन्होंने कहा कि लगता है कि आपकी गाड़ी गलती से बदल गई है। लेकिन, कंपनी इस भारी चूक के स्थाई समाधान के लिए मुझे कोई उपाय नहीं सुझाया। कंपनी मुझ पर दबाव डाल रही है कि आप खुद दूसरे कस्टमर से संपर्क कर गाड़ी की अदला-बदली कर लें। हैरानी ये कि जिस गाड़ी पर मेरा रजिस्ट्रेशन नंबर लगा हुआ था, वो गाड़ी एजेंसी की तरफ से खुद मेरे घर तक पहुंचाया है। जब से इस बात की जानकारी मुझे मिली है, तब से मैं काफी तनाव में हूं। क्योंकि कोई बड़ी घटना हो जाने पर मुझे बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। इस बात को लेकर मैं और मेरा परिवार मानसिक तनाव और उलझन में है।

आपको बता दूं कि इससे पहले टाटा के सर्विसिंग सेंटर में हुए 4 सर्विस के दौरान एजेंसी और सर्विस सेंटर वालों ने मुझे इस बड़ी चूक के बारे में कभी कोई जानकारी नहीं दी। जबकि सर्विसिंग के दौरान आरसी नंबर और गाड़ी पर अंकित चेचिस और इंजन नंबर भी लिखा जाता है, लेकिन एजेंसी की ओर से बार-बार लापरवाही बरती गई।

अत: श्रीमान से निवेदन है कि मेरी की इस समस्या का उचित समाधान निकालने की कृपा करें। इसके लिए मैं आपका आजीवन आभारी रहूंगा।

अब टाटा कंपनी से फरियाद लगा रहे ग्राहक

आप सबको बता है कि टाटा देश की एक प्रतिष्ठित मोटर कार कंपनी है। स्वदेशी कंपनी होने के नाते ग्राहक इसे चाव से खरीदते हैं। लेकिन डीलर की लापरवाही की वजह से आज परेशानी बढ़ गई है। अब जब इस पूरे मामले की जानकारी मिल गई है, तो इस पर टाटा कंपनी और डीलर की ओर से कोई कार्रवाई नहीं जा रही है। दूसरे ग्राहक कौशल सेठ हैं, जिनसे गाड़ी की अदला-बदली हुई है। उन्होंने इस हेराफेरी की जानकारी मिलते ही डीलर और कंपनी को लीगल नोटिस भी भेजवाया है, लेकिन कंपनी की ओर से इस पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।

टाटा कंपनी से उठ रहा ग्राहकों का भरोसा

इतनी बड़ी लापरवाही के बाद भी टाटा कंपनी और टाटा सब मोटर्स, गाजियाबाद की चुप्पी की वजह से अब लोगों का टाटा मोटर्स से भरोसा उठने लगा है। इन दोनों ग्राहकों ने अपनी पीड़ा सुनाते हुए कहा कि स्वदेशी समझ कर बड़ी अरमान से ये गाड़ी खरीदी थी। लेकिन, पता चलने के बाद भी कंपनी और डीलर वाले अपनी गलती स्वीकारने के के बजाय, झूठ का सहारा लेकर ग्राहक को बरगला रहे हैं।

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