Shikhar Mohan Biography in Hindi : भारतीय घरेलू क्रिकेट में लगातार धांसू पारियां खेल अपनी अलग पहचान बना रहे युवा बल्लेबाज शिखर मोहन का न्यूजीलैंड दौरे पर जाने वाली इंडिया ‘ए’ में सेलेक्शन हो गया है। रांची के डोरंडा इलाके से आने वाले शिखर ने अपनी मेहनत, शानदार बल्लेबाजी और लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर भारतीय सेलेक्टर्स का ध्यान अपनी तरफ खींचा है।
खब्बू बल्लेबाज शिखर मोहन ने रणजी ट्रॉफी के अपने पहले सीजन में ही दमदार पारियां खेल चयनकर्ताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया है। उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए झारखंड के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए। अक्टूबर 2026 में केरल के खिलाफ 143 रन की शानदार पारी खेलकर उन्होंने एक बार फिर सुर्खियां बटोरीं।
शिखर मोहन का शुरुआती जीवन
बाएं हाथ के बल्लेबाज शिखर मोहन का जन्म 18 मई 2005 को हुआ था। वे झारखंड की राजधानी रांची के डोरंडा इलाके के रहने वाले हैं। उनका बचपन क्रिकेट के प्रति गहरे जुनून और पारिवारिक समर्थन के बीच बीता। शिखर मोहन के पिता सूरज मोहन पेशे से एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता हैं। शिखर मोहन के पिता भी एक बेहतरीन फास्ट-बॉलिंग ऑलराउंडर क्रिकेटर थे। हालांकि, पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण वे क्रिकेट में अपना करियर नहीं बना पाए थे। यही वजह है कि उन्होंने अपने बेटे शिखर के जरिए अपने अधूरे सपने को पूरा करने की ठानी और मात्र 6 वर्ष की उम्र में ही शिखर को रांची क्रिकेट एकेडमी में दाखिला दिला दिया था।
शिखर मोहन की शिक्षा
शिखर मोहन ने अपनी स्कूली शिक्षा रांची के प्रसिद्ध स्कूल जवाहर विद्या मंदिर (JVM), श्यामली से पूरी की है। उन्होंने साल 2022 में जेवीएम श्यामली से अपनी 12वीं की पढ़ाई पूरी की। यह वही स्कूल है, जहां से भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भी अपनी शिक्षा प्राप्त की थी। इस वजह से शिखर को स्कूल के दिनों से ही एक प्रेरणादायी माहौल मिला।
शिखर स्कूल के दिनों से ही पढ़ाई के साथ-साथ क्रिकेट में काफी सक्रिय थे। स्कूल पास करने के ठीक बाद सत्र 2022-23 में उनके शानदार खेल को देखते हुए उन्हें झारखंड मेंस U-19 टीम का कप्तान भी बनाया गया था।

कैसे हुई क्रिकेट की शुरुआत?
शिखर मोहन ने महज 6 साल की उम्र में रांची के स्थानीय मैदानों पर टेनिस बॉल से खेलना शुरू कर दिया था। उनके भीतर क्रिकेट के प्रति स्वाभाविक प्रतिभा को भांपते हुए उनके पिता ने तुरंत उनका दाखिला ‘रांची क्रिकेट एकेडमी’ में करा दिया। बचपन में शिखर अपनी पढ़ाई के साथ-साथ हर दिन घंटों क्रिकेट की प्रैक्टिस किया करते थे। उनके पिता खुद उनके प्रैक्टिस सेशन पर नजर रखते थे और उन्हें मानसिक व तकनीकी रूप से मजबूत बनाने में मदद करते थे।
शिखर की शुरुआती ट्रेनिंग इतनी शानदार रही कि मात्र 13 साल की उम्र में उनका सेलेक्शन झारखंड की U-16 टीम में हो गया। इस चयन ने उन्हें यह भरोसा दिलाया कि वे प्रोफेशनल लेवल पर क्रिकेट खेल सकते हैं, जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
शिखर मोहन ने जूनियर क्रिकेट में जमाई धाक
झारखण्ड की U-16 टीम में चयन के बाद उन्होंने राज्य स्तर के जूनियर टूर्नामेंट्स में लगातार रन बनाए। अपनी 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के ठीक बाद सत्र 2022-23 में उन्हें झारखंड मेंस U-19 टीम का कप्तान बनाया गया। उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी के दम पर झारखंड ने जूनियर स्तर पर कई महत्वपूर्ण मुकाबले जीते।

कर्नल सी.के. नायडू ट्रॉफी (U-23) में लगाया रनों का अंबार
झारखण्ड रणजी टीम का दरवाजा खटखटाने के लिए शिखर ने U-23 स्तर पर जबरदस्त प्रदर्शन किया। सत्र 2023-24 में उन्होंने कर्नल सी.के. नायडू ट्रॉफी में विरोधी गेंदबाजों की जमकर क्लास ली। उन्होंने 9 पारियों में 77.88 की बेहतरीन औसत से 623 रन बनाए, जिसमें 2 शतक और 3 अर्धशतक शामिल थे। इस धमाकेदार प्रदर्शन ने झारखंड के सीनियर चयनकर्ताओं को मजबूर किया कि वे इस युवा खिलाड़ी को राज्य की मुख्य टीम में शामिल करें।
शिखर का धमाकेदार फर्स्ट क्लास डेब्यू Shikhar Mohan Biography in Hindi
शिखर मोहन ने 15 अक्टूबर 2025 को तमिलनाडु के खिलाफ झारखंड के लिए अपना पहला प्रथम श्रेणी रणजी ट्रॉफी मैच खेला। अपने पहले ही रणजी ट्रॉफी सीजन (2025-26) में उन्होंने एक परिपक्व बल्लेबाज की तरह प्रदर्शन किया। उन्होंने पूरे सीजन में 613 रन ठोके, जिसमें दो शानदार शतक शामिल थे। वे झारखंड के लिए सबसे भरोसेमंद सलामी बल्लेबाज बनकर उभरे।
इसके अगले सीजन यानी 2026-27 के अपने पहले ही रणजी मुकाबले में उन्होंने केरल के खिलाफ 143 रनों की एक और बड़ी शतकीय पारी खेलकर फॉर्म जारी रखा।

दलीप ट्रॉफी और ईरानी कप में सेलेक्शन
घरेलू सत्र 2025-26 में बेहतरीन प्रदर्शन का इनाम उन्हें राष्ट्रीय स्तर के बड़े टूर्नामेंट्स में चयन के रूप में मिला। दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईस्ट जोन के लिए खेलते हुए शिखर ने फाइनल जैसे बड़े और दबाव वाले मैच में लगातार दो अर्धशतक जड़े, जिसने उनकी मानसिक मजबूती को दर्शाया।
फिर अक्टूबर 2026 में ईरानी ट्रॉफी के लिए देश के शीर्ष घरेलू खिलाड़ियों से सजी ‘रेस्ट ऑफ इंडिया’ (ROI) टीम में उनका चयन हुआ। मुंबई के खिलाफ खेलते हुए उन्होंने 60 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली।
इंडिया ‘ए’ टीम में हुआ सेलेक्शन Shikhar Mohan Biography in Hindi
रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी और ईरानी कप में लगातार रनों का अंबार लगाने के बाद नेशनल सेलेक्टर्स ने उन्हें न्यूजीलैंड दौरे पर जाने वाली ‘इंडिया ए’ टीम में शामिल किया है। एक सलामी बल्लेबाज और बाएं हाथ के ऑर्थोडॉक्स स्पिनर के रूप में यह उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि है, जो उनके लिए भारतीय सीनियर टीम के रास्ते खोल सकती है।
चोटिल ऋषभ पंत की जगह टीम में शामिल Shikhar Mohan Biography in Hindi
चोटिल ऋषभ पंत की जगह शिखर मोहन को इंडिया ‘ए’ टीम में शामिल किया गया है. झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन ने इसकी पुष्टि की है। शिखर मोहन को दूसरे और तीसरे अनऑफिशियल टेस्ट मैच के लिए टीम में चुना गया है। दोनों मुकाबले चार दिवसीय होंगे। पंत के चोटिल होने के बाद शिखर को टीम में मौका मिला है।





