मुजफ्फरपुर शेल्टर होम यौ’न शो’षण मामले में सुप्रीम कोर्ट पूरी तरह से ए’क्शन में आ गयी है। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से एक्शन टेकन रिपोर्ट की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से मुजफ्फरपुर मामले में कुछ दो’षी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय का’र्रवाई की मांग करने वाले आवेदन पर की गई कार्रवाई के बारे में रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। इसके बाद सरकार ने सूचित किया है कि CBI की सिफारिशों के मुताबिक दो’षी अधिकारियों के खि’लाफ का’र्रवाई की गई है।
दरअसल, सीबीआई ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम यौ’न शो’षण मामले में कुछ अधिकारियों पर का’र्रवाई करने की अनुशंसा की थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में बिहार सरकार की तरफ से पेश वकील मनीष कुमार ने कहा कि कुछ अधिकारियों पर एक्शन लिया गया है, जिसपर कोर्ट ने बिहार सरकार से एक्शन टेकन रिपोर्ट की मांग की है।
अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट 2 हफ्ते के बाद सुनवाई करेगी। इस दौरान सीबीआई ने भी अपना पक्ष रखा और सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि जां’च पूरी हो गई है। 19 लोगों को निचली अदालत ने दो’षी ठहराया है।
विदित है कि बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित बालिका गृह में 21 लड़कियों के साथ यौ’न शो’षण का खु’लासा मुंबई की संस्था टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज ने किया था। इसके बाद जब पुलिस ने जां’च की तो ये बात सामने आयी कि शेल्टर होम से 6 लड़कियां गा’यब हैं। ये सभी साल 2013 से 2018 के बीच गा’यब हुई थीं।
इस मामले के सामने आने के बाद समाज कल्याण विभाग ने प्राथमिकी द’र्ज करायी, तब मामले में 10 लोगों को गि’रफ्तार किया गया था। इस मामले में विपक्ष के हं’गामे और तहकीकात की मांग के बाद सीबीआई को ये मामला सौंप दिया गया था।
सीबीआई जांच में एक के बाद एक कई चौं’काने वाले खु’लासे हुए। सीबीआई जांच में शेल्टर होम परिसर में ह’ड्डियां बरामद की गईं। इस माटमले में ब्रजेश ठाकुर समेत 21 लोगों पर सीबीआई ने चार्जशीट दायर की, जिसके बाद 20 जनवरी 2020 को ब्रजेश ठाकुर और 18 अन्य को कई लड़कियों के यौ’न शो’षण एवं शारीरिक उ’त्पीड़न का दो’षी करार दिया गया।
