Yogi Adityanath : बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान अब कुछ ही दिन शेष हैं लिहाजा चुनाव प्रचार के लिए एनडीए ने अब पूरी ताकत झोंक दी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और बीजेपी के फायरब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ ने लालू प्रसाद के परिवार पर बेहद ही तीखा हमला किया।

Yogi Adityanath का लालू परिवार पर तीखा हमला
मुजफ्फरपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुराने दौर को याद किया और कहा कि साल 1992 से लेकर वर्ष 2005 तक प्रदेश की स्थिति इतनी खराब थी कि शाम 6 बजे के बाद कर्फ्यू जैसा माहौल हो जाता था। उस वक्त पटना हाईकोर्ट को यह तक कहना पड़ा था कि बिहार में जंगलराज है। पेपरलीक एक धंधा बन गया था, गरीबों को राशन तक नहीं मिलता था और 900 करोड़ का चारा घोटाला कर अन्नदाता किसानों के हक पर डाका डाला गया था।

“उद्योगपतियों का होने लगा था पलायन”
इसके साथ ही योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आरजेडी के शासनकाल में किसानों के साथ-साथ उद्योगपति भी पलायन कर रहे थे। कोई भी बिजनेसमैन प्रदेश में उद्योग लगाने को तैयार नहीं था। योगी आदित्यनाथ ने चुटकी लेते हुए कहा कि “जब कोई सड़क बनाने की बात करता था तो वे कहते थे कि सड़क नहीं बननी चाहिए, कहीं ऐसा न हो कि पुलिस आपके गलत कार्यों को रोकने पहुंच जाए। यही था उस वक्त का जंगलराज।”
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“खानदानी लुटेरों के हवाले न करें बिहार”
यूपी के मुख्यमंत्री ने जनसभा में उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि बिहार को दोबारा खानदानी लुटेरों के हवाले न करें। खानदानी लुटेरों ने खानदानी माफियाओं को जन्म दिया था और उसी को वे लोग पुन: दोहराना चाहते हैं। इन लोगों ने बिहार के अंदर किस प्रकार का माहौल बनाया था, वही माफिया संस्कृति फिर से लौटाना चाहते हैं लेकिन अब जनता विकास, रोजगार और सुरक्षा चाहती है, न कि डर और अराजकता।”

“जब मुख्यमंत्री के पीकदान ढोने पड़ते थे अफसरों को”
उन्होंने कहा कि उस वक्त कोई भी आईएएस और आईपीएस अधिकारी बिहार में कार्य करने को तैयार नहीं था क्योंकि उस वक्त के मुख्यमंत्री के पीकदान को कौन अधिकारी लेकर ढोए? ये तो बिहार की पहचान हो गई थी। बिहार के डीजीपी को मुंशी कहकर मुख्यमंत्री बुलाते थे। चीफ सेक्रेट्री को बाबू बुलाया जाता था। आरजेडी और कांग्रेस के गठबंधन ने बिहार को तार-तार कर रख दिया था।
