Bihar Gramin Sadak : क्या आपके गांव की सड़क टूटी हुई है या सड़क पुरानी होने के कारण मरम्मत की जरूरत पड़ रही है। इस तरह की परेशानी से निजात पाने के लिए सरकारी महकमों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। सिर्फ ग्रामीण कार्य विभाग के स्तर से तैयार एक एप पर इसकी सूचना दे देनी है। इससे आपके गांव की सड़क विभाग के स्तर से तत्काल दुरुस्त हो जाएगी।
ग्रामीण अंचलों की सड़कें और पुल-पुलिया से संबंधी शिकायतों को दूर करने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग ने ‘हमारा बिहार- हमारी सड़क’ नाम से एक मोबाइल ऐप विकसित किया है। इसकी मदद से ग्रामीण सड़कों के रख-रखाव में क्रांतिकारी परिवर्तन देखने को मिल रहा है। यह ऐप अब बिहार के ग्रामीणों के लिए सिर्फ एक तकनीकी उपकरण नहीं बल्कि उनकी समस्याओं के तत्काल समाधान का एक प्रभावशाली तंत्र बन चुका है।

Bihar Gramin Sadak : बदल रही है गांव की सड़कों की तस्वीर
इस ऐप की मदद से ग्रामीण कार्य विभाग को वर्ष 2025 में 29 दिसंबर तक कुल 1528 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें 1463 शिकायतों का सफलतापूर्वक समाधान किया जा चुका है। यदि प्राप्त शिकायतों और उसके निष्पादन को प्रतिशत में देखें तो प्राप्त शिकायतों में 95.75 प्रतिशत का निष्पादन किया जा चुका है। यह ऐप दर्शाता है कि कैसे डिजिटल तकनीक के माध्यम से आम जनता को सरकारी तंत्र से जोड़ा गया है। गांव की सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए अब ग्रामीणों की आवाज सीधे सरकार तक पहुंच रही है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए ग्रामीणों को अब किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर लगाने की जरुरत नहीं है। ग्रामीणों द्वारा दर्ज शिकायत सीधे ग्रामीण कार्य विभाग के संबंधित कार्य प्रमंडल के अभियंताओं के पास पहुंचती है एवं इसका मुख्यालय स्तर से निष्पादन हेतु अनुश्रवण किया जाता है।

वर्ष 2025 के शुरुआत में इस ऐप के लांच होने के बाद सबसे अधिक शिकायतें मुख्य अभियंता-5 मुजफ्फरपुर परिक्षेत्र से प्राप्त हुई हैं। मुजफ्फरपुर में कुल 345 शिकायतें दर्ज की गई हैं। जिनमें कुल 334 का निष्पादन कर दिया गया है। इसी तरह मुख्य अभियंता-6 दरभंगा परिक्षेत्र में “हमारा बिहार- हमारी सड़क” ऐप के माध्यम से कुल 338 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें कुल 324 शिकायतों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया जा चुका है। जबकि मुख्य अभियंता-1 पटना के परिक्षेत्र में कुल 255 शिकायतें दर्ज हुईं, जिसमें 245 का, पूर्णिया में प्राप्त 227 शिकायतों में 213 का, गयाजी में प्राप्त कुल 219 शिकायतों में 208 और भागलपुर में दर्ज कुल 144 शिकायतों में से 139 शिकायतों का निष्पादन किया जा चुका है।

इस तरह दर्ज करा सकते अपनी शिकायत
“हमारा बिहार-हमारी सड़क” ऐप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। उपयोगकर्ता मोबाइल नंबर से लॉगिन कर अपने जिले, प्रखंड, पंचायत और गांव का चयन कर सकते हैं और फिर उस सड़क या पुल की स्थिति की जानकारी तथा उसका फोटो अपलोड कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। दर्ज की गई शिकायत तत्काल संबंधित पदाधिकारी तक पहुंचती है।
तय समय-सीमा में किया जाता है शिकायतों का निपटारा
विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार अधिकारी को निर्धारित समय-सीमा के भीतर स्थल का निरीक्षण कर सड़क या पुल-पुलिया का मरम्मत कार्य कराना होता है। कार्य पूर्ण होने के बाद उस स्थान के फोटो और रिपोर्ट ऐप पर अपलोड किये जाते हैं, जिसे शिकायतकर्ता अपने लॉगिन आईडी से भी देख सकता है। यदि अधिकारी समय पर कार्य नहीं करते हैं तो इसमें उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई का भी स्पष्ट प्रावधान किया गया है।
बता दें कि इस अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों की यातायात व्यवस्था में सुधार हुआ है बल्कि आमजन की सक्रिय भागीदारी से बुनियादी ढांचे के विकास की गति भी तीव्र हुई है।
