Bihar 1 crore jobs : बिहार में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार एक्शन में हैं। कड़ाके की ठंड में भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार सरकार द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों का जायजा ले रहे हैं। राजनीति के जानकार और सीएम नीतीश कुमार के धुर विरोधी भी भीषण ठंड में उनकी सक्रियता देखकर न सिर्फ हैरान हैं बल्कि उनकी कार्यशैली की तारीफ भी कर रहे हैं। आज सरकार का गठन हुए 40 दिन से ज्यादा होने जा रहा है और सीएम नीतीश कुमार लगातार एक्शन में हैं।
Bihar 1 crore jobs : मास्टरप्लान तैयार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित कई केंद्रीय मंत्रियों के अलावे कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में नीतीश कुमार ने पटना के गांधी मैदान में 20 नवंबर, 2025 को 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक ही लक्ष्य है, बिहार को देश के 5 सबसे ज्यादा विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करना। इसके लिए वे दिन-रात एक कर पहले से चल रहे विकास कार्यों का जायजा ले रहे हैं और बिहार को विकसित राज्य की श्रेणी में खड़ा करने के लिए कुछ नई घोषणाएं भी की हैं।

नववर्ष यानी 2026 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नौकरी और रोजगार सृजन पर विशेष फोकस है। नीतीश सरकार ने अगले पांच सालों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का टारगेट रखा है। राज्य में ज्यादा से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देना शुरू से ही नीतीश सरकार की प्राथमिकता रही है। वर्ष 2005 से 2020 के बीच राज्य में 8 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई।
राज्य के युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देने की गति को और बढ़ाने के लिए वर्ष 2020 में सुशासन के कार्यक्रम सात निश्चय-2 में 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और 10 लाख लोगों को रोजगार देने का संकल्प लिया गया था। बाद में इसे बढ़ाकर अगस्त 2025 तक 12 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और 38 लाख लोगों को रोजगार का लक्ष्य निर्धारित करते हुए कुल 50 लाख नौकरी/रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया था।

सात निश्चय-2 के तहत 2020 से 2025 के बीच राज्य के 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार दिया जा चुका है। इसी क्रम में अगले पांच साल में वर्ष 2025 से 2030 तक 1 करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए निजी विशेषकर औद्योगिक क्षेत्रों में भी नौकरी एवं रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। इसे लेकर एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है।
20 नवंबर 2025 को नई सरकार बनने के बाद राज्य में इंडस्ट्री को बढ़ावा देने और ज्यादा-से- ज्यादा रोजगार के मौके देने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। मकसद है, बदलते बिहार में विकास की रफ्तार तेज करने के लिए, बिहार में टेक्नोलॉजी और सर्विस-बेस्ड इनोवेशन की नए जमाने की इकोनॉमी बनाना।

वर्ष 2025 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनहित में कई ऐसी घोषणाएं कीं, जिनसे राज्य के लोगों की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ और उनका जीवनस्तर पहले से बेहतर हुआ। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत जहां पहले मात्र 400 रुपये पेंशन राशि मिलती थी वहीं अब सभी वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और विधवा महिलाओं को हर महीने बढ़ी हुई दर से 1100 रुपये की पेंशन राशि मिलने लगी।
सभी लाभार्थियों के खाते में यह राशि महीने की 10 तारीख को भेजना सुनिश्चित किया गया। इससे 1 करोड़ 9 लाख 69 हजार 255 लाभार्थियों को अपना जीवन स्तर सुधारने में काफी मदद मिली। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का साफ मानना है कि वृद्धजन समाज का अनमोल हिस्सा हैं और उनका सम्मानजनक जीवन-यापन सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर प्रयत्नशील रहेगी।

इतना ही नहीं नीतीश सरकार ने बीते साल जनहित में बिजली फ्री करने का निर्णय लिया। बिहार में 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना से लगभग 1 करोड़ 89 लाख परिवारों को सीधा फायदा हुआ जिससे इन परिवारों का बिजली बिल शून्य हो गया और उन्हें प्रतिमाह औसत 306 रुपये से 550 रुपये तक की बचत हो रही है।
करीब 1.67 करोड़ उपभोक्ता ऐसे हैं जो 125 यूनिट या उससे कम बिजली का इस्तेमाल करते हैं। इससे पहले बिजली व्यवस्था में सुधार करते हुए वर्ष 2018 में ही हर घर बिजली पहुंचा दी गई थी। पहले पटना में भी 8 घंटे से ज्यादे बिजली नहीं रहती थी। सरकार की ओर से इच्छुक लोगों के घरों पर सोलर भी लगवाया जाएगा। इसके लिए सरकार की ओर से मदद दी जाएगी।
इसके अलावे वर्ष 2025 में महिला सशक्तीकरण के लिए भी काफी काम किया गया जिसमें प्रमुख था ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना।’ इस योजना का मुख्य लक्ष्य राज्य के सभी परिवारों की एक महिला को उनकी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता देना है। इसके तहत आर्थिक सहायता के रूप में 10 हजार रुपये की प्रारंभिक राशि दी जाती है। साथ ही जिन महिलाओं का व्यवसाय अच्छा चलेगा उन्हें बाद में 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी जाएगी।

इस योजना के क्रियान्वयन से न सिर्फ महिलाओं की स्थिति और ज्यादा मजबूत होगी बल्कि राज्य के अंदर ही रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और महिलाएं आत्मनिर्भर होंगी। स्वावलंबन एवं आत्मनिर्भरता पर केंद्रित इस योजना के माध्यम से राज्य एवं देश के आर्थिक विकास को बल मिलेगा। इस योजना के अंतर्गत अब तक 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं को लाभान्वित किया जा चुका है।
साथ ही महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए नीतीश सरकार ने वर्ष-2006 में विश्व बैंक से कर्ज लेकर जीविका परियोजना की शुरुआत की थी। राज्य की लगभग 1 करोड़ 40 लाख जीविका दीदियां स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। इससे जीविका दीदियों की आमदनी बढ़ेगी तथा उनके जीवन स्तर में और सुधार होगा।
नववर्ष में सात निश्चय-3 कार्यक्रमों को लागू करने का निर्णय लिया गया है। सात निश्चय-3 का पहला निश्चय ‘दोगुना रोजगार- दोगुनी आय’ रखा गया है। इसका उद्देश्य राज्य की प्रति व्यक्ति औसत आय को दोगुना करना है। इसके लिए कई कार्यक्रमों एवं योजनाओं को लागू किया गया है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत राज्य की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 10 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।

इस योजना के लाभुकों को अपना रोजगार आगे बढ़ाने के लिए 2 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। वर्ष 2023 में राज्य में जाति आधारित गणना के साथ सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण भी कराया था, जिसमें चिह्नित 94 लाख गरीब परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार योजनाओं से आच्छादित किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी।
बिहार के उत्पादों की ब्रिक्री के लिए हाट-बाजारों को विकसित किया जाएगा। अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं के लिए नौकरी और रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए वर्तमान में अलग से युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का गठन किया जा चुका
