HomeबिहारKumhrar Park inspection : CM नीतीश ने कुम्हरार पार्क का किया निरीक्षण,...

Kumhrar Park inspection : CM नीतीश ने कुम्हरार पार्क का किया निरीक्षण, विकसित करने के लिए अधिकारियों को दिये निर्देश

Kumhrar Park inspection : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल कुम्हरार पार्क का निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने कुम्हरार पार्क परिसर में संरक्षित किए गए मगध साम्राज्य काल से संबंधित स्तम्भ के अवशेषों को देखा। पार्क में बुलंदीबाग उत्खनन, कुम्हरार उत्खनन, मौर्यकालीन अस्सी स्तंभों युक्त विशाल कक्ष आदि से जुड़ी जानकारी से संबंधित लगे बोर्ड का मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया।

Kumhrar Park inspection : सीएम नीतीश ने किया निरीक्षण

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कृष्णदेव स्मृति सभागार स्थित पाटलिपुत्र दीर्घा में कुम्हरार के मौर्य वास्तुकला, भौतिक सांस्कृतिक आयाम, कुम्हरार उत्खनन संबंधी भग्नावशेष, पाटलिपुत्र की कला, संस्कृतियों का प्रभाव आदि से संबंधित लगाई गई चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

Kumhrar Park inspection
Kumhrar Park inspection

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि कुम्हरार पार्क परिसर भारत सरकार के अधीन है, जिसका रखरखाव भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा किया जा रहा है। पूर्व में यहां किए गए उत्खनन में कई प्राचीन एवं ऐतिहासिक वस्तुएं एवं निर्माण संबंधी अवशेष मिले हैं।

ये भी पढ़ें : Bihar 1 crore jobs : नये साल में बिहार में रोजगार की भरमार, CM ने तैयार किया मास्टरप्लान, जानिए क्या होगा खास

Kumhrar Park inspection
Kumhrar Park inspection

मुख्यमंत्री ने कुम्हरार पार्क परिसर को बेहतर ढंग से विकसित करने के लिए भारत सरकार को पत्र लिखने हेतु अधिकारियों को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कुम्हरार पार्क काफी ऐतिहासिक और प्राचीन स्थल है, जो मगध साम्राज्य से जुड़ा हुआ है। कुम्हरार पार्क काफी बड़ा है, काफी तादाद में लोग यहां घूमने आते हैं। इस पार्क परिसर के साथ-साथ प्रदर्शों का रखरखाव और बेहतर ढंग से किया जाना चाहिये।

Kumhrar Park inspection
Kumhrar Park inspection

इस स्थल से जुड़ी जानकारी को जानने और समझने के लिए इतिहास के विद्यार्थी तथा इतिहास में रुचि रखनेवाले लोग देश के अलग-अलग हिस्सों के अलावा अन्य देशों से भी यहां आते हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए इस पार्क परिसर का सौंदर्यीकरण कराया जाना आवश्यक है।

ये भी पढ़ें : Encounter in Patna : पटना में फिर एनकाउंटर, पूर्व डीजीपी के दामाद से रंगदारी मांगने वाले कुख्यात को पुलिस ने दौड़ाकर मारी गोली

Kumhrar Park inspection
Kumhrar Park inspection

गौरतलब है कि वर्ष 1912-15 एवं 1951-55 में इस पुरास्थल की खुदाई के दौरान 80 स्तम्भयुक्त मौर्यकालीन एक विशाल कक्ष (सभागार) प्रकाश में आया, जिसके भू-विन्यास में स्तम्भों की 10 पंक्ति पूरब से पश्चिम एवं 8 पंक्ति उत्तर से दक्षिण हैं, स्तम्भों एवं पंक्तियों के मध्य लगभग 15 फीट का अंतराल है। सभागार दक्षिणाभिमुख है।

Kumhrar Park inspection
Kumhrar Park inspection

पुरास्थल के चारों ओर हुई विकास गतिविधियों एवं भू-जल स्तर में वृद्धि के कारण भग्नावशेष जलमग्न हो गये। फलस्वरूप स्तम्भों व पुरावशेषों के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो गया। तत्पश्चात पुरावशेषों की संरक्षा व उत्तरजीविता को दृष्टिगत रखते हुए उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति की अनुशंसा पर सन् 2005 में उक्त स्थल को मिट्टी एवं बालू से भर दिया गया।

Kumhrar Park inspection
Kumhrar Park inspection

प्राचीन काल में आधुनिक पटना शहर को पाटलिपुत्र के नाम से जाना जाता था। 6ठी शताब्दी ईसा पूर्व जब भगवान बुद्ध ने इस स्थल का दौरा किया, तब पाटलिग्राम एक छोटा-सा गांव था। उस समय मगध साम्राज्य के राजा अजातशत्रु पाटलिग्राम को वैशाली के लिच्छवी शासकों से बचाने के लिए उसके चारों ओर एक किले का निर्माण करा रहे थे। बाद में 5वीं शताब्दी ईसा पूर्व के मध्य में राजा उदयन ने रणनीतिक एवं व्यापारिक कारणों से अपनी राजधानी को राजगृह (राजगीर) से पाटलिपुत्र में स्थानांतरित करने का फैसला किया। वह अजातशत्रु के उत्तराधिकारी और पुत्र थे।

Kumhrar Park inspection
Kumhrar Park inspection

मेगास्थनीज जो चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में प्रसिद्ध यूनानी राजदूत थे, उन्होंने पाटलिपुत्र उसकी नगरपालिका और प्रशासन का विस्तृत विवरण दिया है। मेगास्थनीज की इंडिका नामक पुस्तक में इस नगर का उल्लेख पालिबोथरा के रूप में मिलता है। इस पुस्तक के अनुसार यह शहर गंगा नदी के किनारे लगभग 14 किलोमीटर पूर्व-पश्चिम और 3 किलोमीटर उत्तर-दक्षिण में फैला हुआ था। यह एक समानांतर चतुर्भुज आकार का था। शहर का परिमाप लगभग 36 किलोमीटर था।

Kumhrar Park inspection
Kumhrar Park inspection

शहर को बड़े पैमाने पर लकड़ी के खंभों की चारदीवारों द्वारा सुरक्षित किया गया था, जिसके आगे एक चौड़ी और गहरी खाई थी, जो शहर की नाली के रूप में भी काम करती थी। उन्होंने चन्द्रगुप्त मौर्य के लकड़ी से बने सुंदर महल का भी उल्लेख वस्तृत प्राचीरों का उल्लेख किया है। 1892-1955 की उत्खनन में इन ब्योरों में उल्लेखित लकड़ी के खंभे प्राचीर-नालियां मौर्य स्तम्भ वाला हॉल, पॉलिस किये गये स्तंभों के अवशेष सामने आये। प्रसिद्ध चीनी यात्री फां-हियान, जिन्होंने लगभग 5वीं शताब्दी ईसा पूर्व के प्रारंभ में इस स्थान का दौरा किया था।

Kumhrar Park inspection
Kumhrar Park inspection

उन्होंने पाटलिपुत्र को एक समृद्ध शहर और शिक्षा का एक प्रसिद्ध केंद्र बताया है। एक प्रसिद्ध चीनी यात्री वेनत्सांग ने भी 7वीं शताब्दी के दौरान इस शहर का दौरा किया, तब तक अधिकांश शहर खंडहर हो चुका था। पाटलिपुत्र पाल शासको की भी राजधानी रही। उसके बाद इस नगर ने राजधानी का दर्जा खो दिया, फिर भी यह एक महत्वपूर्ण केंद्र बना रहा। वर्तमान में, 80 स्तंभों वाला हॉल के उत्खनित स्थल को ढंक दिया गया है और कुछ स्तंभ अवशेष ही देखे जा सकते हैं। यहां स्थित पाटलिपुत्र दीर्घा इस प्राचीन शहर के इतिहास, इसकी कला, वास्तुकला, बुलंदीबाग और कुम्हरार स्थलों के उत्खनन से प्राप्त अवशेषों को प्रदर्शित करती है।

Kumhrar Park inspection
Kumhrar Park inspection

निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम सहित भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments