ROHTAS : करगहर विधानसभा की सियासत में इस वक्त सबसे बड़ी चर्चा का विषय बन चुके हैं पूर्व IAS अधिकारी दिनेश कुमार राय। जैसे ही उनके जनसंवाद और जनसंपर्क अभियान की शुरुआत हुई, विरोधी खेमों में खलबली मच गई।
वहीं, आम जनता के बीच संतोष और उम्मीद की एक नई किरण जग उठी है।
करगहर में बदलाव की आहट
स्थानीय जनता का कहना है कि दिनेश कुमार राय वह शख्स हैं, जो अधिकारी रहते हुए हमेशा लोगों के सुख-दुख में खड़े रहे, सरकारी पद की ताकत को जनता की सेवा में लगाया और किसी भी वर्ग, चाहे दलित हो, पिछड़ा हो, गरीब हो या महिला, को सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं रहने दिया। उनके आने से लोगों को भरोसा है कि अब स्कूलों की स्थिति सुधरेगी, अस्पतालों में इलाज की सुविधाएं बेहतर होंगी और बुजुर्गों को सरकारी लाभ पाने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

लोगों का यह भी मानना है कि दिनेश कुमार राय के जीतते ही करगहर विधानसभा का चेहरा बदल सकता है। बदहाल से खुशहाल की ओर एक नया सफर शुरू होगा। उनका साफ-सुथरा रिकॉर्ड, संवेदनशील कार्यशैली और ईमानदारी उन्हें बाकी सभी प्रत्याशियों से अलग और बेहतर बनाती है। यही वजह है कि उनके जनसंपर्क में शामिल हर व्यक्ति उन्हें देखकर कह उठता है। हमारा बेटा, हमारा नेता।विरोधियों में हड़कंप
सीएम नीतीश के हैं बेहद करीबी
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि जनता दल यूनाइटेड उन्हें कुर्मी समुदाय के बड़े चेहरे के रूप में मैदान में उतार सकती है। खास बात यह है कि वह बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाते हैं। नीतीश कुमार के सुशासन के सिद्धांतों को उन्होंने अपने प्रशासनिक कार्यकाल में पूरी निष्ठा से अपनाया और अब वही सोच वह जनप्रतिनिधि के रूप में लाना चाहते हैं।

राजनीति से है पुराना नाता
उनके परिवार का भी राजनीति से पुराना नाता रहा है। उनके पिता स्वर्गीय रामायण राय मुखिया रहते लोगों के सुख-दुख में शामिल होते थे और जनसेवा को ही अपना धर्म मानते थे। उनके जाने के बाद भी करगहर की जनता उनके कार्यपद्धति को नहीं भूली। अब लोग मानते हैं कि दिनेश कुमार राय में वही जनसेवा का जज्बा और संवेदनशीलता है, जो उन्हें एक आदर्श नेता बनाएगी।

विरोधियों में हड़कंप
विरोधी खेमों में बौखलाहट साफ दिख रही है क्योंकि जनता का भरोसा दिनेश कुमार राय की तरफ तेजी से झुक रहा है। यह चुनाव करगहर के लिए सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि सोच और दिशा का भी बदलाव हो सकता है। लोगों की जुबान पर एक ही बात है। अगर इस बार दिनेश आए तो करगहर की तकदीर बदल जाएगी।
