Nadella-Adani Meeting : माइक्रोसॉफ्ट भारत में 1.58 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसे लेकर माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की है और भारत में एशिया का सबसे बड़ा 1.58 लाख करोड़ रुपये का निवेश करने की बात कही है। वहीं, दूसरी तरफ अदाणी ग्रुप के संस्थापक और चेयरमैन गौतम अदाणी ने भी सत्या नडेला से मुलाकात (Nadella-Adani Meeting) की है।
Nadella-Adani Meeting : सत्य नडेला से मिले गौतम अदाणी
गौतम अदाणी ने माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला से हुई इस मुलाकात (Nadella-Adani Meeting) को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा किया है और लिखा है कि सत्या नडेला से मिलना हमेशा खास होता है और उनसे मिलने वाली टेक्नोलॉजी के फ्यूचर का विजन उन्हें आगे बढ़ने की दिशा देती है। उन्होंने यह भी बताया कि सत्या नडेला खुद जो AI ऐप बना रहे हैं, उनका डेमो देखना उनके लिए एक अलग अनुभव था।
Always a pleasure to meet @satyanadella and gain his valuable insights into the future of technology. We are excited to continue building a 360° partnership as the physical and digital worlds converge in the age of AI. Getting a demo from him of the AI apps he is personally… pic.twitter.com/T70YTbjTbT
— Gautam Adani (@gautam_adani) December 10, 2025
360 डिग्री पार्टनरशिप और होगी मजबूत
इसके साथ ही गौतम अदाणी ने ये स्पष्ट किया है कि भविष्य में फिजिकल और डिजिटल दुनिया का मिलना बहुत तेजी से बढ़ेगा और यही वजह है कि माइक्रोसॉफ्ट और अदाणी ग्रुप की 360 डिग्री पार्टनरशिप और मजबूत हो रही है।

दिग्गज कंपनियों के सीईओ ने पीएम से की मुलाकात
गौरतलब है कि मंगलवार को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिग्गज आईटी कंपनियों के सीईओ से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला के अलावा इंटेल के सीईओ लिप बू टैन और कॉग्निजेंट के सीईओ रवि कुमार एस से भी मुलाकात की थी।

इस मुलाकात के बाद सत्य नडेला ने कहा था कि यह निवेश 2026 से लेकर 2029 के बीच होगा, जिससे एआई को बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। यह निवेश जनवरी 2025 में घोषित तीन अरब डॉलर की पिछली निवेश प्रतिबद्धता के अतिरिक्त है। माइक्रोसॉफ्ट अब चेन्नई, हैदराबाद और पुणे में अपने डेटा सेंटर को और बढ़ाएगा। इससे बड़ी कंपनियों, स्टार्टअप्स और सरकारी संस्थानों को तेज और सुरक्षित डिजिटल सर्विस मिलेगी। इसके अलावा इंटेल ने भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में निवेश बढ़ाने का संकेत दिया है। इंटेल ने टाटा समूह के साथ एक MOU किया है।
Cognizant भी करेगी विस्तार
कॉग्निजेंट ने भी भारत में बड़े पैमाने पर विस्तार की योजना बनाई है, जिसमें उभरते शहरों में नए टेक हब, स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम और इंडस्ट्री-रेडी वर्कफोर्स तैयार करने पर फोकस होगा। कंपनी का लक्ष्य सिर्फ मेट्रो शहरों तक सीमित न रहकर, छोटे और मध्यम शहरों में भी टेक्नोलॉजी का इकोसिस्टम विकसित करना है ताकि देश के हर कोने से टैलेंट को वैश्विक मंच मिल सके।

क्यों कंपनियां लगा रही हैं भारत पर दांव?
गौरतलब है कि कभी वैश्विक कंपनियां भारत को सिर्फ एक विशाल उपभोक्ता बाजार के रूप में देखती थीं लेकिन अब वक्त बदल चुका है। अब सारी कंपनियां भविष्य की योजनाओं का आधार भारत को बना रही हैं। AI इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लाउड सर्विसेज, सेमीकंडक्टर उत्पादन और नई पीढ़ी की टेक स्किल्स जैसे क्षेत्रों में भारत की पकड़ तेजी से मजबूत हुई है। यह बदलाव बताता है कि वैश्विक टेक इंडस्ट्री को भारतीय प्रतिभा, संसाधनों और विकास की गति पर पहले से कहीं ज्यादा भरोसा है।
