Sabka Samman Jeevan Aasan : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार बिहार के लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए कार्य कर रहे हैं। सड़क, पानी-बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ ही अब सरकार बुजुर्गों को सम्मान के साथ जीने का अधिकार दे रही है। पहले 400 रुपये से 1100 रुपये पेंशन राशि में वृद्धि कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया और अब एक योजना के माध्यम से उन्हें घर पर ही चिकित्सीय सुविधा प्रदान कर उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने की तैयारी है। ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ के तहत अब राज्य के बुजुर्गों को घर बैठे आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे राज्य के लाखों वरिष्ठ नागरिकों को अस्पतालों का चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।
Sabka Samman Jeevan Aasan : बुजुर्गों का जीवन सरल, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाना लक्ष्य
बिहार में बुजुर्गों को घर पर स्वास्थ्य सुविधा देना सरकार की एक बड़ी पहल है। सरकार का लक्ष्य है कि आनेवाले समय में बुजुर्गों का जीवन सरल, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाया जाए। ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ योजना के तहत, बुजुर्गों को घर पर ही नर्सिंग सहायता, पैथोलॉजी जांच, ब्लड प्रेशर जांच, ईसीजी जांच, फिजियोथेरेपी और आपातकालीन स्थिति में चिकित्सकीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना का सबसे बड़ा लाभ होगा कि बुजुर्गों को अस्पतालों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा और उन्हें अपने घर पर ही आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी इससे उनके घरवालों को भी राहत मिलेगी। वे अनावश्यक भाग-दौड़ से बचेंगे।

मानसिक तनाव से मिलेगी राहत और समय की होगी बचत
इस योजना से वैसे बुजुर्गों को काफी लाभ होगा जिनके बच्चे उनके साथ नहीं रहते। दूसरों पर आश्रित बड़े-बुजुर्गों को भी पैथोलॉजी जांच के लिए भाग-दौड़ नहीं करनी होगी। घर पर ही उन्हें सारी सुविधाएं मिलेंगी। इससे मरीज और उनके स्वजनों के समय की भी बचत होगी। साथ ही वे मानसिक तनाव से भी बचेंगे। इस योजना से बुजुर्गों को अस्पतालों में समय बर्बाद नहीं करना पड़ेगा जिससे वे अपने परिवार के साथ अधिक समय बिता सकेंगे। नियमित स्वास्थ्य जांच और उपचार से बुजुर्गों के स्वास्थ्य में सुधार होगा और वे स्वस्थ जीवन जी सकेंगे।

घर में इलाज मिलने से खर्चे में आएगी कमी
बुजुर्गों को घर में इलाज मिलने से कई फायदे हैं। समय की बचत के साथ ही उनके मासिक खर्चे में भी कमी आएगी। पैथोलॉजी टेस्ट के लिए बाहर आने-जानेवाले परिवहन खर्च आदि की बचत होगी जिससे बुजुर्गों के साथ ही उनके घरवालों को भी आर्थिक लाभ होगा।
राज्य में जब से हमलोगों की सरकार बनी है तब से ‘न्याय के साथ विकास’ के सिद्धांत पर चलते हुए हमलोगों ने समाज के सभी वर्ग के लोगों के उत्थान एवं हर क्षेत्र के विकास के लिए काम किया है। हम लोगों ने पूरे बिहार को अपना परिवार माना है और सबके मान और सम्मान का पूरा ख्याल रखा है। अब राज्य में समाज के हर वर्ग के लोग सम्मान के साथ आसानी से जीवन व्यतीत कर सकें इसे लेकर हम लोगों ने गंभीरता से कार्य प्रारंभ कर दिया है। वर्ष 2025 से वर्ष 2030 के लिए राज्य को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने हेतु सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया गया है। सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (इज ऑफ लिविंग) का उद्देश्य राज्य के सभी नागरिकों के जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम करना तथा उनके जीवन को और भी आसान बनाना है। – नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री, बिहार

जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा योजना का लाभ
सरकार की कोशिश है कि राज्य के जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को जरूरत के समय उनके घर पर ही अति आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। इसके लिए सबसे पहले नर्सिंग सहायता की सुविधा घर पर मुहैया कराई जाएगी। साथ ही, पैथोलॉजी जांच जैसे ब्लड टेस्ट भी घर पर ही किए जा सकेंगे। ब्लड प्रेशर की जांच और ईसीजी जैसी महत्वपूर्ण जांच भी अब बुजुर्गों को घर पर मिलेगी। फिजियोथेरेपी की सुविधा भी घर पर दी जाएगी। इसके अलावा, आपातकालीन स्थिति में सभी प्रकार की चिकित्सकीय सहायता तुरंत घर पर पहुंचाई जाएगी।

बुजुर्गों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए सरकार मांग रही सुझाव
सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को घर पर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक निर्देश दिया है और जनता से सुझाव आमंत्रित किए हैं। राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को आसान बनाने हेतु और क्या-क्या सुविधाएं दी जा सकती हैं, इसकी पहचान भी जरूरी है। इस संबंध में अगर आप कोई सुझाव देना चाहते हैं तो अपने बहुमूल्य सुझाव ई-मेल आईडी: cm-secretariat-bih@gov.in या डाक द्वारा भेज सकते हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुरू से ही पूरे बिहार को परिवार मानकर विकास योजनाएं बनाते हैं। इस बार बुजुर्गों का जीवन सरल, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाना नीतीश सरकार का लक्ष्य है। शासन की इस बेहतरीन पहल से सरकार और जनता के बीच की दूरी कम होगी।
