Amit Shah in Bihar : केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह इनदिनों बिहार के तीन दिवसीय दौरे पर हैं, जहां वे सीमांचल में घुसपैठ के खिलाफ महाअभियान पर मंथन कर रहे हैं। बांग्लादेश और नेपाल से सटी भारत की सीमाओं की सुरक्षा एवं इसके प्रबंधन को लेकर विस्तृत चर्चा कर रहे हैं। साथ ही कई अन्य कार्यक्रमों में भी शिरकत कर रहे हैं।
Amit Shah in Bihar : सीमांचल में घुसपैठ पर सख्त अमित शाह
इसी क्रम में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार को नेपाल सीमा से सटे लेटी पहुंचे, जहां उन्होंने सशस्त्र सीमा बल की 52वीं बटालियन के बॉर्डर आउट पोस्ट (BOP) भवन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने सीमा सुरक्षा से जुड़ी कई परियोजनाओं का लोकार्पण और समीक्षा भी की।

“घुसपैठ रोकना सिर्फ चुनावी मुद्दा नहीं”
बॉर्डर सेफ्टी को राष्ट्रीय प्राथमिकता बताते हुए केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि घुसपैठ को रोकना सिर्फ चुनावी मुद्दा नहीं है बल्कि ये केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार का संकल्प है। उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा कि सीमांचल से घुसपैठियों को चिह्नित कर देश से बाहर करने का अभियान शुरू किया जाएगा।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जिस देश की सीमाएं फेंसिंग से सुरक्षित हैं, वहां निगरानी अपेक्षाकृत आसान होती है लेकिन खुली सीमा की सुरक्षा अधिक जटिल और चुनौतीपूर्ण होती है। उन्होंने नेपाल के साथ खुली सीमा का जिक्र करते हुए कहा कि इसके लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, मजबूत सूचना तंत्र और स्थानीय लोगों से बेहतर संवाद बेहद जरूरी है।
उन्होंने एसएसबी अधिकारियों को निर्देश दिया कि सीमा सुरक्षा, अवैध तस्करी और नारकोटिक्स नियंत्रण के लिए स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जाए ताकि जवानों को प्रशिक्षण स्तर से ही बेहतर रणनीति मिले।

इसके साथ ही केन्द्रीय गृहमंत्री ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा सड़क योजना के तहत 554 किलोमीटर लंबी बॉर्डर रोड स्वीकृत की गई है, जिसमें से अधिकांश जगहों पर काम पूरा हो चुका है। इससे सीमा निगरानी की क्षमता बढ़ेगी। नागरिकों की सुविधा में सुधार होगा और विकास कार्यों को सीमा तक पहुंचाने में आसानी होगी।
गौरतलब है कि अमित शाह 26 फरवरी को पूर्णिया में रात्रि विश्राम करेंगे और फिर 27 फरवरी को भारत-नेपाल सीमावर्ती जिलों से संबंधित मुद्दों पर अधिकारियों के साथ पूर्णिया या पटना में मीटिंग कर सकते हैं।
