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न्याय के साथ विकास, पूरी हो रही सबकी आस, विकसित बिहार के संकल्प का ‘नीतीश निश्चय’

PATNA : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने न्याय के साथ विकास के अपने संकल्प को साकार करने के लिए बड़ी पहल की है। सुशासन के कार्यक्रम सात निश्चय-1 और सात निश्चय-2 के निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के बाद अब सात निश्चय-3 कार्यक्रम को लागू करने का निर्णय लिया है। यह कार्यक्रम न केवल राज्य की आर्थिक प्रगति को गति देगा, बल्कि सामाजिक समरसता और समानता को भी सुदृढ़ करेगा। साथ ही आने वाले समय में बिहार देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की पंक्ति में खड़ा होगा और “न्याय के साथ विकास” का मॉडल पूरे देश के लिए प्रेरणा साबित होगा।

सात निश्चय-1 (2015-2020) के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विकास के सात मंत्र दिए थे। जिसमें आर्थिक हल युवाओं को बल, आरक्षित रोजगार, महिलाओं को अधिकार, हर घर बिजली लगातार, हर घर नल का जल, घर तक पक्की गली-नाली, शौचालय निर्माण, घर का सम्मान, अवसर बढ़े, आगे पढ़ें शामिल हैं। वहीं सात निश्चय-2 (2020-2025) में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार युवा शक्ति बिहार की प्रगति, सशक्त महिला सक्षम महिला, हर खेत तक सिंचाई का पानी, स्वच्छ गांव, समृद्ध गांव, स्वच्छ शहर, विकसित शहर, सुलभ संपर्कता और सबके लिए स्वास्थ्य सुविधा को शामिल किया गया था।

CM Nitish
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इनमें से अधिकांश योजनाओं पर कार्य पूर्ण होने के बाद मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने सात निश्चय-3 (2025-2030) लांच किया है। इसका मकसद विकसित बिहार के संकल्प को पूरा करना है। सात निश्चय-3 कार्यक्रम के तहत दोगुना रोजगार- दोगुनी आय, समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार, कृषि में प्रगति-प्रदेश की समृद्धि, उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य, सुलभ स्वास्थ्य-सुरक्षित जीवन, मजबूत आधार-आधुनिक विस्तार, सबका सम्मान-जीवन आसान को शामिल किया गया है।
सात निश्चय-3 कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्य के हर नागरिक को बेहतर जीवन स्तर, समान अवसर और सुरक्षित भविष्य प्रदान करना है।

इसके तहत राज्य के अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार, किसानों की आय में वृद्धि, महिला सशक्तीकरण, छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और राज्य के हर नागरिक अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
सात निश्चय-3 का पहला निश्चय ‘दोगुना रोजगार- दोगुनी आय’ रखा गया है। इसका उद्देश्य राज्य की प्रति व्यक्ति औसत आय को दोगुना करना है। इसके लिए कई कार्यक्रमों एवं योजनाओं को लागू किया गया है। इसके अलावे समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार, कृषि में प्रगति-प्रदेश की समृद्धि, उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य, सुलभ स्वास्थ्य-सुरक्षित जीवन, मजबूत आधार-आधुनिक विस्तार, सबका सम्मान-जीवन आसान को शामिल किया गया है।

दूसरा निश्चय ‘समृद्ध उद्योग- सशक्त बिहार’ है। बिहार को पूर्वी भारत का नया प्रौद्योगिकी केंद्र बनाना, बिहार को विश्वस्तरीय कार्य स्थल के रूप में विकसित करना और राज्य के प्रतिष्ठित उद्यमियों तथा प्रतिभाशाली युवाओं को राज्य के अंदर उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहित करना है। राज्य के सभी जिलों में उद्योग लगाने के लिए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है।

तीसरा निश्चय ‘कृषि में प्रगति- प्रदेश की समृद्धि’ है। इसके तहत किसानों की आय बढ़ाने के लिए वर्ष 2024 से 2029 के लिए गठित चौथे कृषि रोड मैप के काम में और तेजी लाई जाएगी। साथ ही मखाना रोड मैप बनाकर मखाना के उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जाएगा। डेयरी एवं मत्स्य पालन पर विशेष जोर दिया जाएगा तथा राज्य के सभी गावों में दुग्ध उत्पादन समितियों का गठन एवं प्रत्येक पंचायत में ‘‘सुधा‘‘ बिक्री केंद्र की स्थापना की जाएगी। साथ ही हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के काम को और आगे बढ़ाया जाएगा।

चौथा निश्चय ‘उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य’ है। इसके तहत राज्य में अलग उच्च शिक्षा विभाग का गठन कर दिया गया है। अब राज्य के पुराने प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा तथा राज्य में नई एजुकेशन सिटी का निर्माण भी किया जाएगा।

पांचवां निश्चय ‘सुलभ स्वास्थ्य- सुरक्षित जीवन’ है। इसके तहत प्रखंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को विशिष्ट चिकित्सा केंद्र के रूप में तथा जिला अस्पतालों को अति विशिष्ट चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य के नए मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों में बेहतर पढ़ाई एवं इलाज के लिए लोक-निजी भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सकों को अलग से प्रोत्साहन की व्यवस्था एवं सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने की नीति लाई जाएगी।

छठा निश्चय ‘मजबूत आधार-आधुनिक विस्तार’ है। इसके तहत राज्य में शहरी क्षेत्रों का विस्तार एवं नागरिक सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। साथ ही, नए आधुनिक नियोजित शहरों का विकास किया जाएगा तथा शहरी गरीबों के लिए सस्ते आवास की व्यवस्था की जाएगी। शहरों में सुलभ संपर्कता के लिए 5 नई एक्सप्रेस-वे सड़कों का निर्माण और ग्रामीण सड़कों का चरणबद्ध तरीके से 2 लेन चौड़ीकरण कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त विद्युत से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं का सुदृढ़ीकरण एवं सभी इच्छुक लोगों के घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही राज्य के पर्यटन स्थलों को विकसित कर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थलों के रूप में स्थापित किया जाएगा।

पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाले सर्किट में सभी प्रकार की पर्यटकीय सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इसके अतिरिक्त राज्य में महत्वपूर्ण स्थलों पर हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में फिल्मों की शूटिंग के लिए फिल्म सिटी का निर्माण तथा फिल्म व्यवसाय को प्रोत्साहित किया जाएगा। पटना में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स सिटी के निर्माण के साथ ही राज्य के सभी जिलों में खेलों के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। राज्य में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी कराया जाएगा। साथ ही प्रगति यात्रा से संबंधित 430 स्वीकृत योजनाओं तथा सात निश्चय-2 के बचे कार्यों को तेजी से पूरा किया जाएगा।

सात निश्चय-3 का सातवां तथा अंतिम निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ है। इसके तहत राज्य में आधुनिक तकनीक, नवाचार एवं संवेदनशील सुशासन के माध्यम से राज्य के सभी नागरिकों के जीवन को आसान बनाने हेतु कार्य किया जाएगा। सात निश्चय़-3 के इन कार्यक्रमों के लागू होने से विकसित बिहार के संकल्प को पूरा करने में मदद मिलेगी तथा बिहार देश के टॉप विकसित राज्यों में शामिल हो जाएगा।

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